Diwan Madhav Singh

Diwaan Shree Madhav Singh Ji

Our Honourable Present and 19th Dharma Guru Diwaan of Seervi Samaj

Title

AAI MataJi

Aai Majai Bilara

सीरवी सन्देश पत्रिका का संक्षिप्त परिचय

सीरवी नवयुवक मण्डल राजस्थान द्वारा सीरवी समाज मे शैक्षणिक,धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों को समाज के व्यापक पटल पर लाने के लिए जोधपुर से सीरवी सन्देश पत्रिका का शुभारम्भ सन् 1975 मे किया गया । मार्च 1975 को सीरवी सन्देश के प्रथम अंक का प्रकाशन किया गया जिसके प्रथम सम्पादक श्री प्रभुलालजी लखावत (बिलाड़ा) बने आप दो वर्ष तक सम्पादक रहे। आपके प्रमुख सहयोगी थे श्री पन्नालालजी हाम्बड़, श्री चेनसिंहजी गहलोत,श्री हेमालालजी चोयल,श्री राजेन्द्र चौधरी, श्री शिवसिंहजी चोयल, श्री ढगलारामजी राठौड़, श्री पुखराजजी राठौड़,आप सभी के अथक प्रयासों से सीरवी सन्देश रुपी पोधे का बीजारोपण किया गया सन् 1976 मे सीरवी सन्देश का पंजियन भारत सरकार के सुचना व प्रसारण मन्त्रालय द्वारा समाचार पत्र पंजियक से करवाया गया जिसका पंजियन न. 30884/76 तथा प्रकाशक सीरवी नवयुवक मण्डल राजस्थान था । श्री पन्नालालजी के बाद तेज तर्रार युवा श्री राजेन्द्र चौधरी जो सह सम्पादक थे सम्पादक बने आपने भी पत्रिका को नये आयामों के साथ निरन्तर ऊंचाइयों की ओर बढाया। आपके सरकारी नोकरी लग जाने से आप लगभग साल भर काम नहीं कर पाए और पत्रिका बन्द रही। फिर पत्रिका के उस समय के प्रमुख सहयोगी श्री पुखराजजी डाक्टर साहब ने हिम्मत की और पत्रिका का प्रकाशन पुनः शुरु हुआ । आपने भी साल डेढ साल तक पत्रिका का प्रकाशन निरन्तर जारी रखा परन्तु नवयुवक मण्डल के अधिकांश सहयोगी सरकारी नोकरियों मे लग जाने और अन्य कारणों से इधर उधर चले जाने की वजह से पत्रिका का सदस्यता अभियान बन्द हो गया और आर्थिक तंगी के कारण पत्रिका को बन्द करना पड़ा । जो लगभग 8 साल तक कोई भी इसे पुनः शुरु करने की हिम्मत भी नहीं कर पाया। सन् 1988 मे सीरवी सन्देश का भाग्य पुनः चमका और श्री कानाराम चौधरी एडवोकेट व सम्पादक श्री पुखराज राठौड़ ने मिलकर सीरवी नवयुवक मण्डल जोधपुर का सहयोग लेकर सितम्बर 1988 से पुनः शुरुआत की साथ ही इसकी अवधि त्रैमासिक से मासिक कर दी गई। रजिस्ट्रेशन न. व प्रकाशक वही थे सम्पादक भी श्री पुखराज राठौड़ ही रहे । चार अंक निकालने के बाद जनवरी 1989 मे श्री कानाराम चौधरी एडवोकेट सम्पादक बने आपने पत्रिका के लिए बहूत मेहनत की और आजीवन सदस्य बनाना शुरु किया जिससे पत्रिका कभी बन्द नही हो। आपने समाज के गणमान्य बन्धुओं का सहयोग लिया और उन्है पत्रिका से जोड़ा । आपके दो वर्ष कार्य करने के बाद जनवरी 1991 मे श्री मोहनलाल राठोड़ सम्पादक बने आपने भी पत्रिका की सुन्दरता मे चार चांद लगाते हुए पत्रिका की लेखनी का विकास किया आपने भी दो वर्ष कार्य किया तथा पत्रिका का कार्यालय जोधपुर से पाली लाया गया श्री पुनाराम राठौड़ को व्यवस्थापक बनाया गया । जनवरी 1993 मे श्री तेजाराम भायल पाली को सम्पादक बनाया गया आपने एक वर्ष तक पत्रिका को सेवाएं दी इसी समय सह व्यवस्थापक श्री कानाराम परिहार कालापीपल को व्यवस्थापक बनाया गया और पत्रिका का कार्यालय सीरवी छात्रावास पाली मे लाया गया। जनवरी 1994 मे श्री रतनलाल परिहार भाकरवास को सम्पादक बनाया गया। आपने पत्रिका की खोयी हुई साख को वापस बनाने की भरपुर मेहनत की ओर पत्रिका को मजबूत पायदान पर लाकर छोड़ा आपके बाद अक्टुबर 1998 मे श्री दीपाराम काग को सम्पादक का कार्यभार सौंपा आपके कार्यकाल मे पत्रिका का कार्यालय भवन बना जो सीरवी सन्देश की सबसे बड़ी उपलब्धि है। पत्रिका को नित नये आयामों मे सजाते हुए आप अप्रेल 2006 तक अब तक के सम्पादको मे सबसे लम्बा कार्यकाल लेते हुए सीरवी सन्देश को एक शानदार टीम के रुप मे कार्य कराने मे माहिर श्री काग का कार्यकाल सीरवी सन्देश के इतिहास का स्वर्ण युग रहा है। आपके बाद मई 2006 मे श्री पुखराज गहलोत बाली सम्पादक बने आपने पत्रिका को रंगीन आवरण दिया तथा कार्यालय मे बने मंदिर की प्रतिष्ठा करवायी आपके बाद 28 सितम्बर 2011 को श्री महेन्द्र राठौड़ (कापसी - म.प्र.) सम्पादक बने जो अभी निरन्तर कार्यरत है।

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सीरवी सन्देश पत्रिका सम्पादक


Deepa Ram Kag
(Ex Sampadak)
Ratan Lal Choudhary
(Sha Sampadak)
PukhRaj Choudhary
(Ex Sampadak)
Ratan lal Parihar
(Ex Sampadak)
 

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